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जन्मदिन पर याद किए गए नेताजी,जुटा पूरा परिवार

मुलायम सिंह का सपना था सैफई, समाजवादी धारा को बचाने का किया काम:अखिलेश

सैफई : समाजवादी पार्टी के संस्थापक एवं पूर्व रक्षा मंत्री नेताजी मुलायम सिंह यादव का उनके 85वें जन्मदिवस सादर स्मरण कर नमन किया गया।इस अवसर पर पूरा परिवार समाधि स्थल पहुंचा। जहां शांति यज्ञ पाठ का आयोजन किया गया था। शांति पाठ के बाद सैफई में उनकी याद में एक भव्य स्मारक के निर्माण की आधारशिला रखी गई।

इस अवसर पर इस अवसर पर नेताजी मुलायम सिंह यादव के पुत्र और उ. प्र. के पूर्व मुख्यमंत्री

अखिलेश यादव ने कहा कि नेता जी का विकसित सैफई सपना था। नेताजी धरती पर चोट खाकर नेताजी बने। जब स्मारक की बात आई, तमाम सुझाव आए। मैंने नेताजी जन्मभूमि पर स्मारक का निर्णय लिया। कई युवा आर्किटेक्ट और इंजीनियर से चर्चा के बाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति के स्मारक जैसा स्मारक बनाए जाने की बात तय हुई। उन्होंने आगे कहानेताजी ने जो राजनीतिक, आर्थिक, सामाजिक रास्ता दिखाया उस पर चलें। समाजवादी धारा को बचाने का काम किया है। हमें उनके बताएं रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए।

नेताजी ने अन्याय के खिलाफ लड़ना सिखाया-शिवपाल

सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि नेताजी हमारे बड़े भाई के साथ-साथ गुरु भी थे। उन्होंने पढ़ाया भी था। पिता जैसा स्नेह मिला। हम सबको सरलता और गरीबों किसानों और गांव को कभी न छोड़ने की सीख दी। उन्होंने कभी निराश न होने की सीख दी। शिवपाल ने आगे कहा कि नेताजी ने अन्याय के खिलाफ लड़ना सिखाया। उनके मन में अल्पसंख्यक, गरीब और किसानों के लिए हमेशा पीड़ा रहती थी। हम सब जितने भी लोग बैठे हैं, सभी देश की कुर्सी पर पहुंचना चाहते थे। नेताजी चाहते, तो वहां तक पहुंच भी जाते, लेकिन उनमें त्याग था। जब-जब सत्ता में नेताजी आए तब स्वास्थ्य, शिक्षा और सड़क के लिए काम करे।

 छह एसओ और 25 दरोगाओं की लगी ड्यूटी

सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए छह थानों के एसओ, 200 हेड कांस्टेबल, सिपाही तथा 70 पीएसी के जवान लगाए गए हैं। वहीं सभी बैरिकेडिंग पर यातायात सिपाही भी तैनात रहेंगे। फायर ब्रिगेड की दो गाड़ी भी लगाई गई हैं। एसओ सैफई मोहम्मद कामिल ने बताया कि मैनपुरी-इटावा हाईवे सुचारू रूप से चलता रहा। इस पर यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए भी फोर्स तैनात किया गया है।

 इस तरह होगा स्मारक

स्मारक की रूपरेखा में लोककला की झलक और गुणवत्ता का ध्यान रखा जाएगा। म्यूजियम में जमीन से जुड़े हुए भारत के गौरव, महान राजनीतिज्ञ नेताजी की सादगी और गुणवत्ता की भी झलक देखने को मिलेगी। स्मारक का स्वरूप वर्गाकार होगा। इसमें दर्शनीय लैंडस्केप होंगे। चारों तरफ एक लंबी दीर्घा का प्रबंध किया गया है। इससे अंत्येष्टि स्थल तक पहुंचा जा सकता है।

स्मारक 8.3 एकड़ जमीन पर बनाया जाएगा। प्रवेश द्वार से अंत्येष्टि तक पहुंचने के लिए लैंडस्केप की श्रृंखला, चौक और प्रांगण होंगे। दोनों तरफ रम्य स्तंभों की योजना है। इससे दर्शकों को एक सुखद शांतिमय वातावरण की अनुभूति हो। इसके पार्श्व में एक दृश्यावली, मध्य में एक स्मृति सभागार होगा, जिसमें नेताजी की एक कांसे की भव्य प्रतिमा होगी। सभागार तक आवागमन के लिए चारों तरफ घास के मैदान होंगे। स्मृति सभागार में नेताजी की भव्य प्रतिमा लगाई जाएगी। उनसे जुड़ी चीजों और तस्वीरों का संग्रह किया जाएगा। स्मारक के निर्माण कार्य नेताजी के नाम से बनाए गए ट्रस्ट के माध्यम से किए जाएंगे।

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Author: fastblitz24

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