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आंगनबाड़ी केंद्रों पर बनेगा बच्चों का गरमा गरम भोजन

जौनपुर। जिले में संचालित होने वाले 5321 आंगनबाड़ी केंद्रों के करीब डेढ़ लाख बच्चे अगस्त माह के अंत तक अपने केंद्र पर ही बाल विकास पुष्टाहार विभाग की ओर से हाट कुक्ड फूड योजना के तहत भोजन कर सकेंगे। व्यवस्था की शुरुआत होने से अब उन्हें परिषदीय विद्यालयों के रसोई की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा।

अब तक जिले के ये बच्चे परिषदीय विद्यालय के बच्चों के साथ ही पंगत में बैठकर मीड-डे-मील खाते थे। परिषदीय विद्यालय के बच्चों के साथ आंगनबाड़ी के जो बच्चे खाना खाते हैं उसका अलग से कोई बजट बेसिक शिक्षा विभाग को नहीं मिलता है।

जिले में आंगनबाड़ी केन्द्र के बच्चों को परिषदीय विद्यालयों से सम्बद्ध तो कर दिया गया लेकिन उनके लिए दोपहर में मीड-डे-मील की व्यवस्था नहीं की गयी। आकंड़ो के हिसाब से जौनपुर में 3 से छह साल के करीब एक लाख 41 हजार बच्चे आंगनबाड़ी केन्द्रों पर पंजीकृत है। इन बच्चों को विभाग की ओर आधा किलो दाल व आधा किलो दलिया का पैकेट महिने में एक बार दिया जाता है। बाकी ये परिषदीय विद्यालय के बच्चों के साथ बैठकर मीड-डे-मील खा लेते है। शासन ने हर जिलों से मिली सूचनाओं को गम्भीरता से लिया और तय किया कि अगस्त के अंत तक बच्चों को हाट कूक्ड फूड योजना के तहत दोपहर में खाना परोसा जाएगा।

मालूम हो कि जिले में कुल 3 लाख 53 हजार बच्चें आगनबाड़ी केन्द्र से पंजीकृत है। इसमें तीन साल तक के बच्चे केन्द्र पर नहीं बुलाए जाते है। 3 से छह साल वाले ही केन्द्र पर आते है। तीन से छह साल वालों की संख्या मौजूदा समय में करीब डेढ़ लाख है।

जिले में 5321 आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित होते है। जिसमें 750 भवन आंगनबाड़ी का खुद का है। बाकी 3500 के करीब परिषदीय विद्यालयों में संचालित होते है।

बाकी जो बचे वह पंचायत भवनों में संचालित हो रहे है। इन केन्द्रों पर सबसे अधिक शाहगंज तहसील में बच्चें पंजीकृत है। यहां पर 347 बच्चे पंजीकृत है। इसी तरह से करंजाकला में 296, सिकरारा में 219, सिरकोनी में 226, केराकत में 236, मुंगराबादशाहपुर में 244, मड़ियाहूं में 259, डोभी में 206, मछलीशहर में 273, जलालपुर में 216, बदलापुर में 276, महराजगंज में 206 बच्चे हैं पंजीकृत है। इसी तरह अन्य केन्द्रों पर भी बच्चे पंजीकृत है।#

बाकी खाली पड़े 321 पद को भरने की कवायद

जौनपुर। जिले में संचालित होने वाले 5321 केन्द्रों के लिए पांच हजार शिक्षिकाएं मौजूदा समय में तैनात हैं। बाकी खाली पड़े 321 पद को भरने की कवायद की जा रही है। कनिष्क सहायक हर्ष सिंह ने बताया कि खाली पड़े पदों को भरने की कवायद चल रही है। इन शिक्षको को 5500 मानदेय व दो हजार रुपया प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।

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Author: fastblitz24

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